सुन ले फ़रियाद मेरी मौला... लिखित : विनय मिश्र "पथिक"

सुन ले एक फ़रियाद मेरी मौला
अर्जी ये मेरी स्वीकार कर ले मौला मेरे 

बस आरज़ू इतनी सी है
सुन ले वो फ़रियाद मेरी
कही भी , किसी से भी  ..
बस  मेरे मौला ..

एक झलक , एक महक ,
एक दुआ और एक पल भी ,
बैठ कर  बितायु,  मैं भी,
उसके साथ..
बस इतनी सी तमन्ना
कर दे पूरी मेरे मौला ..

हर एक जगह ,
हर एक समय ,
हर एक दिशा मैं ,
दिखती है वोह ,

राहों मैं, सायो मैं, सांसों मैं ,
झलकती है वो
तमनाओं मैं बहे ..
इस कदर ...
इसी बहाने...
कही से ...
एक झलक दिखला दे ..
मेरे मौला ..
बस इतनी सी मुराद ..
पुरी कर  दे मेरे मौला ..


ख़ुशी और गम ..
सभी है मेरे साथी ..
राते होती लम्बी,
तारे करते है बाते मुझसे ,  उसकी

दिन अब कटते नहीं ...
दुआए भी रुकती नहीं ...
सजदे मैं तेरे और उसके ..मौला
ए मेरे मौला ..
सुन ले फ़रियाद ये ..मेरे मौला ..


वोह भी करे
मुझसे बाते
सपनो मैं ही भले कही
पर तड़प मेरी
धड़कन मेरी
प्यास मेरी 
कही से देख ले ..वो
ए मेरे मौला

बस आरज़ू इतनी सी
सुन ले वो
 फ़रियाद मेरी मौला
कबूल कर ले  वो .. 


सुन ले यह फ़रियाद मेरी मौला
अर्जी ये मेरी स्वीकार कर ले
ए मौला मेरे  ...
मेरे मौला

लिखित : विनय मिश्र "पथिक"
 ©copyright by Vinay Mishra

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